DDC full form (DDC full form in English)

DDC full form? क्या आप यह जानना चाहते हैं कि DDC का फुल फॉर्म क्या होता है

तो आप बिलकुल सही जगह आए हैं, हमारे इस article में हम आपको ddc full form in bihar और DDC के बारे में पूरी जानकारी देंगे, इसलिए इसे अंत तक जरूर पढ़िएगा।

आप में से बहुत लोगों ने कई वेबसाइट पर यह सवाल पूछा है कि DDC का फुल फॉर्म क्या है या ddc full form ias, यह क्या काम करती है, इसके चुनाव कैसे होते हैं, आदि। इसलिए हमने आपके लिए यह आर्टिकल लिखा है, जिसमें हम आपको इस टॉपिक के ऊपर सारी जानकारी देंगे।

दोस्तों अक्टूबर 2020 में, भारत की Union government ने जम्मू और कश्मीर के पंचायती राज एक्ट, 1989, को amend किया था, जिसकी मदद से उन्होंने जम्मू और कश्मीर के है छोटे इलाके में हर जगह democracy या लोकतंत्र लाने की कोशिश की थी। 

इन चुनावों पर पूरे भारत की निगाहें टिकी हुई थी। Constitution के आर्टिकल 370 के हटने के बाद, यह पहली पॉलिटिकल घटना थी जो जम्मू और कश्मीर में हुई थी। 

तनाव के बावजूद भी यहां पर चुनाव बहुत ही ज्यादा शांति से हो गए थे और result भी जैसे लोगों ने सोचे थे वैसे ही आए थे। 

DDC का फुल फॉर्म क्या है?(ddc full form in bihar in hindi)

DDC full form

DDC का फुल फॉर्म होता है, District Development Councils, इसे हिंदी भाषा में जिला विकास परिषद भी कहा जाता है। यह होता है ddc full form in district.

अब आपको पता चल गया होगा कि ddc full form in hindi क्या होता है।

जैसे कि आपको इसका नाम पढ़कर ही समझ आ गया होगा कि यह चुनाव districts में किए जाते हैं, ताकि वहां का विकास हो सके। 

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DDC फुल फॉर्म in administration होता है Deputy Drugs Controller

अब जबकि आपको आपके सवाल का जवाब मिल गया होगा, हम आपको इसके बारे में पूरी जानकारी देंगे।?

DDC या जिला विकास परिषद क्या होता है?

DDC या जिला विकास परिषद क्या होता है

जिला विकास परिषद एक तरह की लोकल सरकार होती है, जिसे जम्मू और कश्मीर में चुनाव की मदद से बनाया जाता है। इसे जम्मू और कश्मीर के पंचायती राज एक्ट 1989 के अंदर facilitate किया जाता है, और इसे जम्मू और कश्मीर के पंचायती राज Rule के अंदर बनाया जाता है, जो भारत के संविधान में लिखा है। 

इसका काम सबसे पहले तो rural और अर्बन जगहों में से लोगों का चुनाव करना होता है, जिससे एक District Planning Committee (DPC) बनती है, जिसमें कुल 14 members होते हैं, और हर जिले में से एक member को चुना जाता है, ताकि हर जिले का विकास जल्दी हो सके और लोगों की जिंदगी बेहतर बन सके।

यह सिस्टम जिलों की planning और विकास करने वाले boards की जगह लेगा और इसकी मदद से जिले अपने capital को भी बड़ा सकेंगे।

DDC का structure कैसा है?

DDC का structure कैसा है

5 अगस्त 2019 को सरकार ने स्पेशल स्टेटस को revoke किया था, जिसकी मदद से भारतीय संविधान के आर्टिकल 370 के अंदर जम्मू और कश्मीर को J&K के Reorganisation Bill  2019 के अंदर दो अलग territories जम्मू और कश्मीर में बाटा गया था, जिसमें एक ही legislature होगा और लद्दाख बिना किसी लेजिस्लेचर के होगा। 

जैसा कि हमने आपको पहले बताया था कि, अक्टूबर 2020 को जिला विकास परिषद को बनाया गया था, यह एक लोकल सरकार की तरह है, जो DPC और काउंसिल में होने वाले चुनावों के लिए अपने मेंबर्स को elect होने का मौका देती है।

इसमें यह बात fixed है कि हर जिले से कुल 14 मेंबर ही चुने जाएंगे, चाहे इस जिले की आबादी कितनी ही क्यों न हो, ताकि वहां के लोगों का विकास जल्दी हो सके और लोग अपनी जिंदगी को बेहतर ढंग से जी सकें। 

जिला विकास परिषद का सबसे बड़ा फायदा यही है कि इसमें हर जिले से एक उम्मीदवार को चुना जाता है। इसमें कुल 14 मेंबर होते हैं, मतलब की हर rural एरिया में से एक मेंबर को चुना जाता है, जो अपने एरिया को represent करता है।  

इनके साथ में जिले के अंदर के सारे Block Development Councils के Legislative Assembly chairpersons होते हैं।

DDC क्या काम करती है और इसके members का term कितना होता है?

  • जिला विकास परिषद हर जिले के लिए एक capital expenditure बनाती है और उसको approve करती है।
  • यह ग्राम पंचायत, Block Development Council और पंचायत समिति के कामों को अपनी jurisdiction के अंदर supervise करती है।
  • सरकार के दिए जाने वाले funds का इस्तेमाल पूरे जिले के विकास के लिए इस्तेमाल करना।
  • भारत की सरकार की sponsored की गई schemes को implement करना।

जिला परिषद विकास का term पांच साल का होता है, और electoral प्रोसेस की मदद से पिछड़ी हुई castes, tribes और औरतों के लिए reservations दी जाती हैं। 

जिला परिषद विकास के Chief Executive Officer, Additional District Development Commissioner ( या Additional DC) होते हैं।

जैसा कि एक्ट में बताया गया है कि काउंसिल को साल में कुल चार “general meetings” करनी होंगी, मतलब की हर क्वार्टर में एक।

इसका आगे का process कैसा होगा?

जिला विकास परिषद के electing representatives के लिए बनी 14 constituencies को हटा दिया जाएगा।

जिले के रूरल areas में से नई constituencies को बनाया जाएगा, और चुने गए मेंबर्स जिला विकास परिषद के अंदर आपस में से ही एक चेयर पर्सन और एक वॉइस चेयर पर्सन का चुनाव करेंगे।

तीसरे tier के अंदर, जिला विकास परिषद की जगह कहां है?

जिला विकास परिषद ने जिला की प्लानिंग और विकास करने वाले boards को replace किया है, जिन्हें जम्मू और कश्मीर के राज्यों में कैबिनेट मिनिस्टर head करते थे। 

जम्मू और श्रीनगर के जिलों के लिए, सर्दी और गर्मी Development Boards (DDBs) को  चीफ मिनिस्टर हेड करते थे।  

हालाकि, लेह और कारगिल के जिलों में, जिला विकास परिषद के कामों को Autonomous Hill Development Councils करते थे।

तो फिर District Planning Committee (DPC) किस तरह से काम करेगी?

  • हर जिले के लिए एक DPC एक MP को बनाएगी जो उस एरिया को represent करेगा, और राज्य legislature के मेंबर्स जिले के अंदर के areas को रिप्रेजेंट करेंगे।
  • चुने गए MP इस committee के चेयर पर्सन बनेंगे।
  • यह कमेटी जिलों के विकास के लिए नए programs का आयोजन करने के बारे में सोच- विचार करेगी और फिर उन प्रोग्राम्स को गाइड भी करेगी। 
  • इससे यह अंदेशा होगा कि जिले के विकास के लिए और वहां की इकोनामी को बेहतर करने के लिए नई-नई schemes को कंसीडर किया जा रहा है, और जिले के लोगों की तकलीफों को दूर करने की कोशिश की जा रही है। 
  • यह जिले के साल भर के प्लान को बनाने के लिए एक काम करने वाले ग्रुप की तरह function करेंगे, और उस प्लान को formulate करेंगे और फाइनल भी करेंगे और साथ ही में जिले के लिए एक बिना प्लान वाला बजट बनाएंगे।

इस नए structure को बनाने के पीछे की वजह क्या है?

कश्मीर में बहुत से लोगों  का यह मानना है कि यूनियन सरकार ने जिला विकास परिषद को जरूरी दो कामों के लिए बनाया है। 

सबसे पहले तो, आर्टिकल 370 के अंदर जो स्पेशल status दिया गया है उसके प्रभाव को खत्म और neutralise करने के लिए।  

दूसरा ताकि बड़ी राजनीतिक पार्टियों छोटे जिलों पर प्रभाव ना डाल पाएं, ताकि वह उन जिलों को hold ना कर सकें, ताकि राजनीति में नए लोग आ सके। इसी वजह से उन्होंने हर जिले में से एक उम्मीदवार तो अपने जिले को represent करने का मौका दिया है, ताकि बड़ी राजनीतिक पार्टियां उन जिलों पर अपना कब्जा ना जमा पाएं।

इसको बनाने के कुछ और reasons यह हैं।

  • जम्मू और कश्मीर की administration ने अपनी एक statement में कहा था कि, पंचायती राज institution के एक तीसरे टायर को elect करना, जम्मू और कश्मीर में 73rd Amendment Act को लागू करना mark करता है।
  • इसके पीछे उनकी यह सोच है कि पहले बनी हुई जम्मू और कश्मीर की सरकारों ने यहां के systems को defunct कर दिया है, जैसे कि पंचायती राज सिस्टम को राज्य में Lieutenant Governor’s administration की मदद से बचाने की कोशिश की जा रही है। 
  • UT में इलेक्ट किए गए उम्मीदवारों के absence में, बड़े सरकार के अधिकारियों का यह कहना है कि जिला विकास परिषद UT के बीस जिलों के विकास के लिए बहुत ही ज्यादा बढ़िया काम करेगी।
  • उनका यह भी मानना है कि इसकी मदद से शायद कुछ पुराने legislators भी आ जाएं।

क्या आप जानना चाहते हैं कि ddc full form in library science क्या होता है?

Library science में ddc का फुल फॉर्म Dewey Decimal Classification होता है।

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Conclusion about DDC full form

एक लोकतंत्र जो हाल फिलहाल केवल दिखावट के लिए ही है, उससे हम यह उम्मीद रख सकते हैं कि वहां पर ज्यादा कुछ नहीं किया जा सकता है। 

लेकिन जिला विकास परिषद के जम्मू और कश्मीर में बनने के बाद हम यह आशा कर सकते हैं कि, वहां पर सारे जिलों में विकास होगा और लोगों को पहले से ज्यादा बेहतर जीवन मिलेगा। 

अभी भी इसमें कुछ बदलाव होने बाकी हैं और जैसे-जैसे समय गुजरता जाएगा धीरे-धीरे यहां पर हालात बेहतर होने की आशंका है। 

दोस्तों हमारे इस आर्टिकल में हमने आपको बताया कि DDC का फुल फॉर्म क्या होता है, यह क्या है, यह क्यों बनाया गया और आपको इसके बारे में पूरी जानकारी भी दी है, अगर आपका इस टॉपिक से जुड़ा हुआ कोई सवाल है तो हमसे उसे कमेंट करके जरूर पूछें हम आपको उसका जवाब देने की पूरी कोशिश करेंगे। 
हमारे इस आर्टिकल DDC full form को पढ़ने के लिए धन्यवाद!

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